हालात से छलनी दिल और
मजबूरियों के केक्टसों से हाथ मिलाए
उदासी का विज्ञापन बनने के बदले
दर्द से मुस्कानों को पैदा करना
जीवन की मजबूरी है.
दिन भर में
आपका हर हावभाव
कार्यजनित परिस्थितियों के पास
गिरवी रखा होता है.
यूँ ही तो नहीं देती जिंदगी
सफलता का कर्ज.
दुःख के काले साये
रात ही में अच्छे लगते हैं जब
वक्त खुद का अपना होता है .
तस्सली से रो सकते हो तब
अन्धकार कभी भी
सिसकियों का गवाह नहीं
बनता.
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