नाइंसाफी न हो जाए इसपर ध्यान देना
मैं नहीं कह रहा मेरे हक में बयान देना
ज़मी वालों से ईमान की आस है बेमानी
हो सके तो मुझको न्याय आसमान देना
२
बगल के पाले से चोट खागए थे कभी दोस्ती
में
गले मिलने की रस्म अब नहीं अपनी दोस्ती
में
हाथ भी मिलाते है तो करीने में फासले के
साथ
इसी से दिल की सलामती है आज की दोस्ती
में
३
दीवाना कहा मुझे
पगला कहा
खूब कहा आपने अच्छा
कहा
इश्क ने रखी जब्त की
लाज
हुस्न को हंस कर प्यारा कहा
४
यहाँ सभी बिकने वाले खुद भी खरीदार हैं
क्या कीजे ये बेईमानी चलन है बाजार का
फायदे की बेचेगे भाई हम जो दुकानदार हैं
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