शहर में रस्मेवफा का रिवाज कहाँ
कल तक अपनापन था आज कहाँ
लिवइन रिश्तों के दो
राता दोर में
देखिये जायेगा हमारा
समाज कहाँ
२
दिल न भी मिलें
जिस्म मिलते हैं
लिवइन वालों को नर्म
बिस्तर देना
रिश्तों की कड़वाहट
में सालों बाद
योंन शोषण का मुकदमा
कर देना
३
मोबाइल के मेसेज
रातों की बात करते हैं
दिलों की नहीं
जिस्मों की बात करते हैं
अभी है साथ जाने कल हो
जाये डिलीट
रिश्ते वन नाईट स्टेंडों
की बात करते हैं
४
कल के साथों ने
रास्ते बदल लिए हैं
अपनेपन के सिलसिले बदल
लिए हैं
भागते दोर में तेज रफ़्तार
लोगों ने
कपडे नहीं बदले रिश्ते
बदल लिए हैं
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