शुक्रवार, 22 जून 2012

गरीब बस्ती में


गरीब बस्ती में!
प्यासे नलके मटके  
रईसी पार्टियों में
शराब बहकती है.

गरीब बस्ती में!  
भूखे करहाते चूल्हे
रईसी डिनरों में
बिरयानी महकती है.

गरीब बस्ती में!
अधनंगे काँपते बच्चे
रईसी महफिलों में
नंगाई मटकती है.

गरीब बस्ती में!
नहीं चिल्लर पैसे
रईसी ठिकानों में 
दोलत बरसती है. 

कोई टिप्पणी नहीं: