नींद के सपने अच्छे
जिंदगी की कोई
परीक्षा नहीं लेते
सुहाने हों तो सवेरे
शरमाते हैं
कपड़े बदलवाते हैं.
डरावने हों तो कच्ची
नीद उठाते हैं
पसीने से नहलाते
हैं.
नीद के सपने
जिंदगी की कोई
परीक्षा नहीं लेते.
जागती आँखों के
ख्वाब
हर पल जीवन का
इम्तेहान लेते हैं
जमीनी हों तो नई
दिशा देते हैं
मंजिलों से मिला
देते है
हवामहलो को बस हवा
देते है.
और दोस्तों हवा की
दिशा क्या
तुमने कभी पतंगों को
कटते
नहीं देखा क्या
तुमने बहुत चाहा था
खुशबुओं का मोसम
पर वो तुम्हे मिला
क्या.
आज तुम कलम घिसने
वाले बाबू
मासूम बच्चों के लिए
आकाश के तारे तोड़
लाना चाहते हो
यार उन्हें हँसने दो
खेलने दो
आँखे खुद ही खोज
लेगी जागते सपने
ये और बात है
मेंहनत के हिस्से
सफलता आये न आये
हाथ की ताकत को
हाथ की लकीरों की
ज़रूरत होती है
जिसका फेसला प्यारे ना
तेरे ना मेरे
ना किसी ज्योतिषी के
पास है.
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