खुदा कहाँ है भगवान कहाँ है
ज़मीन तेरा आसमान कहाँ है
अपने भीतर को देखुं तो सही
मेरी तलाश है शेतान कहाँ है
सब हैं आदमी तो भला फिर
क्या ढूँढना के इंसान कहाँ है
उम्मीद में हमको बरसों बीते
मरना इतना आसान कहाँ है
छप्परों की बात फिर करूँगा
देखूं अपना आसमान कहाँ है
मुंबईकर बिहारी सब हैं मगर
भाई! मेरा हिन्दुस्तान कहाँ है
मंदिर मस्जिद रहे वो सामने
यारो! दारु की दुकान कहाँ है
उजाड में ही बसते है सन्नाटे
खाली ये दिल वीरान कहाँ है
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